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Latest published cases

List of Latest Published Cases

  1. अमूल डेयरी : आय विवरण एवं बैलेंस सीट (Amul Dairy Income Statement and Balance Sheets)

    Authors: Halse, Michael;

    Reference No: CMA0011-Hindi Pages: 6 Published on: 1, January, 1964

    Abstract: दूध उत्पादक डेयरी के आय-व्यय पत्रक के बारे में एक विश्लेषण है। ... More

  2. उद्यम सहकारी कपास बिक्री सोसाइटी (Udyama Cooperative Cotton Sale Society) **

    Authors: Desai, D K;

    Reference No: CMA0025-Hindi Pages: 10 Published on: 1, January, 1964

    Abstract: इस केस में प्राथमिक स्तर पर सोसाइटी के कपास प्रबंधन की खरीद प्रक्रिया में समस्याओं के बारे में बात की गई है। ... More

  3. अटीरा(अहमदाबाद वस्त्रोद्योग अनुसंधान संगठन) – सूती वस्त्रों की माँग (क) (ATIRA: Demand for Cotton Textiles (A))

    Authors: Paul, S;

    Reference No: ECO0009(A)-Hindi Pages: 8 Published on: 1, January, 1966

    Abstract: इस केस में अहमदाबाद वस्त्रोद्योग अनुसंधान एसोसिएशन द्वारा सन् 1959 में तैयार किये गये सूती वस्त्र से संबंधित एक माँग अध्ययन के बारे में बताया गया है। उसकी कार्य प्रणाली और मान्यताओं के संदर्भ में अटीरा अध्ययन के मूल्यांकन करने और पूर्वानुमान में लॉग मॉडलों के उपयोग के उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए इस केस का उपयोग किया जा सकेगा। ... More

  4. एस.जे. अस्पताल (SJ Hospital)

    Authors: Ramani, K V;

    Reference No: CMHS0018-Hindi Pages: 4 Published on: 1, January, 2001

    Abstract: इस केस में अस्पताल सूचना प्रणाली विकास में बड़े अस्पताल जिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं उन समस्याओं के बारे में बात कही गई है। इस केस में अस्पताल के समग्र कार्यवहन पर प्रकाश डाला गया है, कम्प्यूटर अनुप्रयोगों, कम्प्यूटरीकरण की भावि योजनाओं और एक व्यापक सूचना प्रणाली के डिजाइन व विकास करने के लिए अस्पताल की इच्छा और तैयारी पर भी प्रकाश डाला गया है। इस केस में अस्पताल के कार्यप्रदर्शन के संकेतकों, उनके अनुमानों और रिपॉर्टों की डिजाइन पर ध्यान केन्द्रित किया गया है जिससे अस्पताल के प्रबंधनकर्ता अपनी सेवाएँ सक्षम व प्रभावी रूप से प्रदान करने में सहायता प्राप्त कर सकें। ... More

  5. अहमदाबाद नगर निगम अस्पताल (AMC Hospitals)

    Authors: Ramani, K V; Lakhia, Tushar;

    Reference No: CMHS0017-Hindi Pages: 10 Published on: 1, January, 2003

    Abstract: अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) अपने नागरिकों को तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ उपलब्ध कराते हुए तीन बड़े अस्पतालों का संचालन करता है, जो हैं - वी.एस. अस्पताल, एस.सी.एल. अस्पताल, एवं एल.जी. अस्पताल। शिक्षा अस्पताल के रूप में, वी.एस., एस.सी.एल., एवं एल.जी. अस्पताल भारतीय चिकित्सा परिषद् (एमसीआई) द्वारा निर्धारित नियमों से कार्मिकों अथवा विभागों एवं रोगियों की देखभाल व शिक्षा के संबंध में बाध्य है। ये नियम एमबीबीएस तथा एमडी कोर्स के लिए दाखिला प्राप्त वार्षिक छात्रों की संख्या पर आधारित होते हैं। अकादमिक वर्ष 2000-01 के प्रारम्भ से, एएमसी ने नये वार्षिक एमबीबीएस दाखिले में 50 बैठकों की वृद्धि की। एएमसी चिकित्सा कॉलेजों के डीन ने प्रति वर्ष 150 वार्षिक दाखिलों के लिए एमसीआई के नियमों का अनुपालन करने के लिए प्रत्येक अस्पताल में चिकित्सा विभागों की पहचान की है। अस्पताल के अधीक्षक रोगी देखभाल के बारे में इस पुनर्गठन के प्रभाव के बारे में चिंतित हैं। ... More

  6. अतुल विद्यालय, वलसाड़ (Atul Vidyalaya, Valsad)

    Authors: Dixit, M R; Sharma, Rajeev;

    Reference No: BP0304-Hindi Pages: 17 Published on: 25, June, 2005

    Abstract: इस केस में वह स्थिति बतायी गयी है जिसे वलसाड़, गुजरात में श्री सुन्दरम् ने एक आईसीएसई मान्य अतुल विद्यालय में आचार्य के तौर पर कार्यभार सँभालने के साथ ही झेला था। इस केस में स्कूल के उद्देश्यों, ट्रस्टियों के बोर्ड द्वारा अनुसरण की जा रही नीतियों एवं व्यवहारों के बारे तथा ट्रस्टियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों की अपेक्षा के बारे में और स्कूल के ढाँचे के बारे में बताया गया है। श्री सुन्दरम् को उपरोक्त संदर्भ में स्कूल को प्रबंधित करने के लिए एक रणनीति बनाने की जरूरत पड़ती है। अपने कार्य को सुविधाजनक बनाने हेतु ट्रस्टियों के प्रोफ़ाइल एवं स्कूल के कार्यप्रदर्शन के बारे में इस केस में जानकारी दी गयी है। ... More

  7. चलो ठीक है, आपके कहे अनुसार : क्या मैं इस स्पॉर्ट्स मास्टर को नौकरी से निष्कासित करूँ? (Ready on Your Marks: Should I Fire this Sports Master?)

    Authors: Varkkey, Biju;

    Reference No: P&IR0197-Hindi Pages: 4 Published on: 5, May, 2006

    Abstract: एक अति उच्च प्रदर्शनकर्ता खेल प्रशिक्षक, जिसकी अपनी साख ऐसी थी कि छात्रों एवं अभिभावकों की तरफ से शिकायतें आती रहती हैं। हालाँकि, पहले चेतावनी दी गयी थी, फिर भी शिकायतें जारी रहती हैं। इसमें स्कूल की प्रतिष्ठा भी दाव पर लगती है, स्कूल के सार्वजनिक अनुभव और पिछले दो वर्षों में खेल में हुए सुधार में उसकी हिस्सेदारी रहती है। अच्छे शिक्षक भी इसे करने में मुश्किल का अनुभव करते हैं। ... More

  8. डेटॉल : ब्रांड विस्तारों के उपभोक्ता मूल्यांकनों को समझने के लिए विपणन अनुसंधान (Dettol: Marketing Research for Understanding Consumer Evaluations of Brand Extensions)

    Authors: Jaiswal, Anand Kumar; Shrivastav, Arpita;

    Reference No: MAR0389-Hindi Pages: 9 Published on: 3, November, 2007

    Abstract: यह केस डेटॉल के ब्रांड एक्स्टेन्शनों के बारे में चलाये गये एक विपणन अनुसंधान अध्ययन के बारे में है। एक ब्रांड के रूप में डेटॉल को उपभोक्ताओं से अपार विश्वास एवं निष्ठा मिली है। डेटॉल के ब्रांड नाम पर तेज़ वृद्धि पाने एवं उसका लाभ उठाने के लिए रेकिट बेन्किसर इंडिया लिमिटेड ने बड़ी संख्या में ब्रांड एक्स्टेन्शन शुरू किये। इन एक्स्टेन्शनों में से कुछ जैसे कि, डेटॉल साबुन व डेटॉल लिक्विड हैंड वाश काफी सफल रहे, परन्तु बाकी के ज्यादातर एक्स्टेन्शन बाज़ार में टिकने में असफल रहे। इस केस में इस बारे में चर्चा की गई है कि एक विपणन अनुसंधान अध्ययन कैसे डेटॉल के विभिन्न ब्रांड एक्स्टेन्शनों के सफल होने के पूर्वानुमान लगाने में मदद कर सकता है। ... More

  9. चाय नहीं परोसी जायेगी (Tea Shall Not be Served)

    Authors: Vohra, Neharika;

    Reference No: OB0202-Hindi Pages: 2 Published on: 30, April, 2008

    Abstract: यह केस स्वयं एक पत्र का रूप है जो स्कूल के आचार्य एवं शिक्षकों के मध्य संचार बनाता है। आचार्य ने शिक्षकों को आदेश दिया था कि शिक्षकों को स्कूल में विराम के दौरान अपने फालतू समय के 20 मिनट्स स्कूल की केन्टीन में व्यतीत करने चाहिए और छात्रों के साथ बैठकर चाय लेनी चाहिए। शिक्षकों को यह आदेश क्रूर लगा और अनौपचारिक बैठक में अपनी पीड़ा व्यक्त करने में विफल रहने के बाद उन्होंने समूह में मिलकर आचार्य को सामूहिक पत्र लिखा कि उन्हें अपने कार्मिक खंड में ही चाय पीने दी जाये। आचार्य को यह पत्र पढ़कर काफी बुरा लगा और इस रुख में अडग रहीं। वह उन सभी से ऐसी अपेक्षा रखती हैं कि वे आदेश का पालन करें क्योंकि छात्र-शिक्षकों के बीच वह बड़ी अंतर्क्रिया देखना चाहती थी। ... More

  10. केरल में ई-साक्षरता परियोजना के लिए संयोजकता (कनेक्टिविटी) उपलब्ध कराना (क) (Providing Connectivity for e - Literacy Project in Kerala (A))

    Authors: Rangnathan, Kavitha;

    Reference No: CISG0100(A)-Hindi Pages: 6 Published on: 29, August, 2008

    Abstract: आधारभूत कम्प्यूटर सेवाओं के उपयोग के लिए प्रत्येक परिवार सक्षम बने ऐसे उद्देश्य के साथ केरल सरकार ने एक ई-साक्षरता परियोजना शुरू की थी। इस परियोजना का प्रारम्भ मलप्पुरम् जिले से किया गया और जिले भर में टैलि-सेन्टर भी स्थापित किये गये थे। इस केस में एक उपयुक्त ग्राम्य कनेक्टिविटी टैकनोलोजी की आधार-सामग्री को पहचानने पर ध्यान दिया गया और उसी के आर्किटेक्चर डिजाइन को पहचानने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। ... More

  11. केरल में ई-साक्षरता परियोजना के लिए कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना (ख) (Providing Connectivity for e - Literacy Project in Kerala (B))

    Authors: Rangnathan, Kavitha;

    Reference No: CISG0100(B)-Hindi Pages: 5 Published on: 29, August, 2008

    Abstract: आधारभूत कम्प्यूटर सेवाओं के उपयोग के लिए प्रत्येक परिवार सक्षम बने ऐसे उद्देश्य के साथ केरल सरकार ने एक ई-साक्षरता परियोजना शुरू की थी।इस परियोजना का प्रारम्भ मलप्पुरम् जिले से किया गया और जिले भर में टैलि-सेन्टर भी स्थापित किये गये थे। इस केस में एक उपयुक्त ग्राम्य कनेक्टिविटी टैकनोलोजी की आधार-सामग्री को पहचानने पर ध्यान दिया गया और उसी के आर्किटेक्चर डिजाइन को पहचानने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। ... More

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